प्रबंधक की कलम से

directorयुग शक्ति मां गायत्री की अनुकम्पा से प्राथमिक स्तर से लेकर महाविद्यालयी शिक्षा के अध्ययन के दौरान स्वयं के उत्कृष्ट रहे शैक्षणिक स्तर का अनुभव शिक्षा जगत् के उन्नयन में लगाने हेतु एक मनः संकल्प का जागरण हुआ। युग ऋषि गुरूदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के सूक्ष्म संरक्षण में लम्बे समय से मानसिक धरातल पर चल रही परिकल्पना को मूर्तरूप देने का अवसर प्राप्त हुआ। 24 मई, 1993 को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का ध्येय लेकर उनके जीवन को संवारने वाली एवं शिक्षा के उन्नत स्वरूप को समर्पित शिक्षण संस्थान के रूप में ‘‘ मयूर नोबल्स एकेडमी ‘‘ की स्थापना की गई।

मयूर नोबल्स एकेडमी के शुभारंभ के समय बाड़मेर जिले के ख्याति प्राप्त समाजसेवी एवं उद्योगपति श्री तन सिंह चौहान के बतौर अध्यक्ष एक कार्यकारिणी का गठन किया गया। बाड़मेर शहर एवं जिले के समस्त अभिभावक महानुभावों से निवेदन रहेगा कि वे अपने नौनिहालों को इस प्रमाणिक एवं सदैव अपने श्रेष्ट लक्ष्य की ओर अग्रसर शैक्षणिक संस्थान ‘‘ मयूर नोबल्स एकेडमी ‘‘ में प्रवेश दिलाकर उन्हें श्रेष्ठ भविष्य निर्माण की ओर अग्रसर करें।

विद्यालय के प्रबंधन एवं सभी समर्पित गुरूजनों के कठोर परिश्रम एवं सत साधना के आधार पर सभी अभिभावक बंधुओं से कहना चाहूंगा कि आप लोगों के विश्वास पर यह विद्यालय शत – प्रतिशत खरा उतरेगा।

आओ सच्चे साधकों सी , साधना मिलकर करें।
मुक्त हो युग संकटों से प्रार्थना मिलकर करें।
आओ कदमों को बढाएं, साध्य की ही ताल से।
झेल लें हर चोट आओ, साधना की ढाल से।।

निदेशक रेवन्त सिंह चौहान